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उन्नाव में बाढ़ से बेबसी; गंगा-कल्याणी नदी उफनाई, निचले इलाके, घर और सड़कें पानी-पानी, हजारों बीघा फसलें जलमग्न

उन्नाव में बाढ़ से बेबसी; गंगा-कल्याणी नदी उफनाई, निचले इलाके, घर और सड़कें पानी-पानी, हजारों बीघा फसलें जलमग्न

उन्नाव: सई, गंगा और कल्याणी नदियों के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर मुसीबत बढ़ा दी है. हसनगंज क्षेत्र में सई नदी ने 44 साल पुराने बाढ़ के मंजर की याद ताजा कर दी. नदी का पानी खेतों को डुबोने के बाद अब मोहन कस्बे के घरों, गलियों और मुहल्लों तक पहुंच गया है.

करीब 1 किलोमीटर क्षेत्र में पानी घुसने से लोगों का आवागमन प्रभावित है.

वहीं, गंगा और कल्याणी के उफान से कटरी क्षेत्र के कई गांवों में फसलें जलमग्न हो गई हैं और संपर्क मार्गों पर पानी भरने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.घरों तक पहुंचा पानी: क्षेत्रीय लोगों के अनुसार साल 1982 में सई नदी का जलस्तर इतना बढ़ा था कि मोहन-हसनगंज मार्ग पर पूछड़ा चौराहे के ऊपर से पानी बहने लगा था और बाबा बिहारी दास के पास तक नदी का पानी पहुंच गया था.

44 साल बाद एक बार फिर लगभग वैसे ही हालात बन गए हैं.

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